भारत में कृषि: महत्व, प्रकार, चुनौतियों और भविष्य की सम्भानाये।
भारत एक कृषि प्रधान देश है। सदियों से कृषि भारतीय समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। आज भी देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। कृषि केवल खाधान्न उत्पादन तक सीमित नही है , बल्कि यह रोजगार, निर्यात, पशुपालन, डेयरी और ग्रामीण विकास का भी प्रमुख श्रोत है। भारत में कृषि:- भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और भविष्य की संभावनाएं भारत विश्व के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशो में से एक है। गेहूं, चावल, गन्ना, दालें, मसाले, फल और सब्जियों के उत्पादन में भारत अग्रणी देशों की सूची में शामिल है। आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और किसानो की मेहनत ने कृषि क्षेत्र को नई ऊचाईयों तक पहुचाया है। भारत में कृषि का महत्व भारत में कृषि का महत्व निम्नलिखित बिन्दुओ से समझा जा सकता है। 1. रोजगार का प्रमुख श्रोत – भारत की ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि और उससे जुड़े कार्यो में लगा हुआ है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं। 2. खाध सुरक्षा – ...