कुत्ता काटने के बाद प्राथमिक उपचार की जानकारी
भारत में आज विभिन्न गांवो, कस्बों, शहरों और महानगरों में लाखों की तादाद में गलियों में आवारा कुत्ते घूम रहे हैं, और लाखों की तादाद में ही कुत्ते लोगों ने घर में पाल रखे हैं। एक अनुमान के अनुसार भारत वर्ष में हर वर्ष लगभग 20000 लोगों की अकाल मृत्यु कुत्ता काटने से हो जाती है। कुत्ते काटने की क्या है जटिलताऐं कुत्ता काटने के बाद उचित इलाज न मिलने के कारण रेबीज नामक बीमारी हो जाती है। यह एक जानलेवा बीमारी होती है, जिससे बचना बहुत ही मुश्किल होता है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के लक्षण मुंह में लार आना, सांस फूलना, किसी से भी डर जाना, बेचैन होकर भागना, बुखारन आना ,पानी देखकर भागना आदि होता है। यहां पर ध्यान देने योग्य बात यह भी है की कुत्ता काटने से किसी भी तरह का झाड़ फूंक करवाना या जादू टोला करवाना काम नहीं आता। इसके लिए उचित इलाज यानी सही समय पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लेना जरूरी होता है। कुत्ता काटने के प्राथमिक उपचार किसी भी व्यक्ति को अगर कोई कुत्ता काट लेता है तो उसे व्यक्ति को तुरंत ही कटी हुई जगह पर लाइफबॉय के साबुन से या किसी अन्य साबुन से अच्छी तरह से धो लेंना चाहि...