सच्ची दोस्ती - एक ईश्वरीय सोगात और अनमोल खजाना एक छोटे से गाँव में दो बच्चे रहते थे। एक का नाम आरव था और दुसरे का नाम मोहन। दोनों की उम्र लगभग बारह वर्ष थी। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और बचपन से सबसे अच्छे दोस्त थे। लेकिन उनकी जिंदगी एक- दुसरे से बिल्कुल अलग थी। आरव गाँव के सबसे अमीर व्यापारी का बेटा था। उसके घर में बड़ी हवेली, महंगी गाड़ियाँ, नौकर- चाकर और हर तरह की सुविधाएँ थी। उसे किसी चीज की कमी नही थी। दूसरी और मोहन एक गरीब किसान का बेटा था। उसके पिता दूसरो के खेतों में मजदूरी करते थे। घर मिट्टी का था, कपड़े साधारण थे और कई बार दो वक्त का खाना भी मुश्किल से मिलता था। फिर भी दोनों की दोस्ती ऐसी थी कि पूरे गाँव में उसकी मिसाल दी जाती थी। हर सुबह दोनों स्कूल जाते। आरव के पास कई साईकिल थी, जबकि मोहन पैदल चलता था। लेकिन आरव अक्सर साईकिल से उतरकर उसके साथ पैदल चलने लगता ताकि दोस्त अकेला महसूस ना करें। स्कूल में जब लंच का समय होता तो आरव अपना टिफिन मोहन के साथ बाँटकर खाता। मोहन पहले मना करता, लेकिन आरव हमेशा कहता,” दोस्ती में मेरा और तेरा नही होत...
भारत एक कृषि प्रधान देश है। सदियों से कृषि भारतीय समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। आज भी देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। कृषि केवल खाधान्न उत्पादन तक सीमित नही है , बल्कि यह रोजगार, निर्यात, पशुपालन, डेयरी और ग्रामीण विकास का भी प्रमुख श्रोत है। भारत में कृषि:- भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और भविष्य की संभावनाएं भारत विश्व के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशो में से एक है। गेहूं, चावल, गन्ना, दालें, मसाले, फल और सब्जियों के उत्पादन में भारत अग्रणी देशों की सूची में शामिल है। आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और किसानो की मेहनत ने कृषि क्षेत्र को नई ऊचाईयों तक पहुचाया है। भारत में कृषि का महत्व भारत में कृषि का महत्व निम्नलिखित बिन्दुओ से समझा जा सकता है। 1. रोजगार का प्रमुख श्रोत – भारत की ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि और उससे जुड़े कार्यो में लगा हुआ है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं। 2. खाध सुरक्षा – ...
भारत में कृषि का महत्व क्या है और कृषि क्या होती है? इस लेख में कृषि की परिभाषा, प्रकार, लाभ, किसानों की भूमिका और भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व की पूरी जानकारी सरल हिंदी में जानें। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है कृषि—जानें इसके प्रकार, लाभ और देश के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका। भारत में कृषि का महत्व क्या है तथा कृषि क्या है? भारत एक कृषि प्रधान देश है और देश की लगभग 70 परसेंट आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़ी हुई है। भारत विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश है। वर्तमान समय में भारत विश्व में कृषि उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी है। भारत में विश्व में सबसे ज्यादा गेहूं, चावल, दूध, मसाले और दालों का उत्पादन होता है। इसके अतिरिक्त भारत फलों, सब्जियों, गन्ना, चाय, शुगर | चीनी के उत्पादन में दुनिया में दूसरे नंबर पर आता है। भारत में कृषि उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ के समान है । कृषि की उत्पत्ति | Origin of agriculture कृषि को मानव जीवन की एक महान खोज भी कहा जा सकता है। पृथ्वी | earth के मानव इतिहास के शुरुआती चरण में मानव जीवन के विकास के क्...
प्राचीन काल से ही भारतवर्ष की महान भूमि साधु संतों की भूमि रही है। समय समय पर अनेक महान संतो और महात्माओं ने इस पवित्र धरा पर जन्म लिया है। उन्होंने अपने पवित्र कर्मों से, वाणी से, विचारों से, अपने अद्भुत ज्ञान से, मानव कल्याण की भावना से भारतवर्ष की महान् जनता और समूचे विश्व कल्याण की भावना से कार्य किए। और समाज में अंधकार मिटाकर प्रकाश फैलाया और कुरीतियों का विरोध कर नवजागृति फैलाई। उन्ही महान विभूतियों में से एक महात्मा बुद्ध भी हैं, भगवान का अवतार भी माना जाता है। महात्मा बुद्ध और बौद्ध धर्म: महात्मा बुद्ध भारत के महानतम अध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाते है। उन्होंने मानव जीवन के दुखों को समझने और उनसे मुक्ति पाने का मार्ग बताया। उनके द्वारा स्थापित बौद्ध धर्म आज दुनिया के प्रमुख धर्मो में से एक हैं। करोड़ो लोग बुद्ध के विचारो और शिक्षाओं का पालन करते हैं। शांति, अहिंसा, करुणा और सत्य पर आधारित उनकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी लगभग 2500 वर्ष पहले थीं। आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धा जीवन में महात्मा बुद्ध के विचार लोगों को मानस...
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ आज भी करोड़ो लोगों की आजीविका खेती पर निर्भर है। देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। हर वर्ष किसानों की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि मानसून कैसा रहेगा, बारिश समय पर होगी या नही, और इसका फसलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। साल 2026 भी किसानो के लिए कई उम्मीदें और कुछ चुनौतियाँ लेकर आया है। मौसम वैज्ञानिक लगातार मानसून की स्थिति, समुंद्र के तापमान और अल नीनो (EL Nino) जैसी वैश्विक मौसमीय कारको पर नजर बनाये हुए है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगें कि इस वर्ष भारतीय कृषि की स्थिति कैसी रह सकती है, बारिश की क्या संम्भावना है, अल नीनो क्या होता है, इसका खेती पर क्या प्रभाव पड़ता है। और किसान किन उपायों से अपने जोखिम को कम कर सकते है। इस वर्ष भारतीय कृषि, बारिश और संभावना और अल नीनो का प्रभाव : किसानो और आम लोगों के लिए पूरी जानकारी। भारतीय कृषि का वर्तमान महत्व भारत में लगभग आधी से ज्यादा आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। गेहूं, धान, गन्ना, दालें, कपास, मक्का, बाजरा, सरसों, औ...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें