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चांद पर अंतरिक्ष यान से उतरकर जब मानव ने रचा इतिहास।

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वर्तमान आधुनिक काल में चाँद पर उतरने वाला विश्व का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष यात्री अपोलो 11 (Apollo 11) मिशन के थे। यह मिशन अमेरिका की विख्यात अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) द्वारा संचालित किया गया था। आइए इसे विस्तार से समझते हैं: चांद पर अंतरिक्ष यान से उतरकर जब मानव ने रचा इतिहास। मिशन का नाम था  अपोलो 11 (Apollo 11) अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण की तारीख व स्थान  (Launch) तारीख: 16 जुलाई 1969 स्थान: केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा, अमेरिका रॉकेट: सैटर्न V (Saturn V) मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री (Crew Members) नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong) – मिशन कमांडर बज़ एल्ड्रिन (Buzz Aldrin) – लूनर मॉड्यूल पायलट माइकल कॉलिन्स (Michael Collins) – कमांड मॉड्यूल पायलट अन्तरिक्ष यान का चाँद पर उतरना तारीख: 20 जुलाई 1969 (UTC) भारतीय समय अनुसार (IST): 21 जुलाई 1969, लगभग सुबह 2:17 बजे स्थान: सी ऑफ ट्रैंक्विलिटी (Sea of Tranquility) – चंद्रमा की सतह पर एक समतल क्षेत्र कौन सा अन्तरिक्ष यात्री सबसे पहले चाँद पर उतरा? नील आर्मस्ट्रांग चाँद...

आवारा कुत्तों पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश।

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भारत में आवारा कत्तों  पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश – 22 अगस्त 2025 1. आदेश में संशोधन: सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त के आदेश में संशोधन करते हुए अब आदेश दिया है कि दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के आवारा कुत्तों को पकड़े जाने के बाद शेल्टर में रहने के बजाय वापस उनके मूल इलाके में छोड़ा जाए । इस प्रक्रिया से पहले उन्हें नसबंदी (sterilisation) और टीकाकरण (immunisation) जरूर किया जाए। 2. अपवाद: यदि कोई कुत्ता रेबीज (rabies) से संक्रमित हो या अत्यधिक आक्रामक (aggressive behavior) हो रहा हो, तो उसे उसी स्थिति में शेल्टर में ही रखा जाएगा , यानी इन्हें वापस नहीं छोड़ा जाएगा। 3. फ़ीडिंग ज़ोन (Feeding Zones): अदालत ने यह भी निर्देशित किया कि शहर में नियोजित डेडिकेटेड फीडिंग ज़ोन बनाए जाएँ जहाँ आवारा कुत्तों को ही खाना खिलाया जाए। आम सार्वजनिक स्थानों पर सड़कों या गलियों में खाना खिलाना निषिद्ध होगा। 4. आदेश क्यों बदला गया? 11 अगस्त वाले आदेश को नागरिकों और पशु-प्रेमियों द्वारा जारी विरोध, आश्रय घरों की अपर्याप्त क्षमता तथा तर्कों की वजह से व्याप...

Fastag Annual Pass Scheme लागू होने से वाहन मालिकों की हो गई बल्ले बल्ले।

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भारत में 15 अगस्त को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा Fast Tag Annual Pass Scheme (विशेष रूप से "Annual FASTag Toll Pass") जारी कर दिया गया, जिससे वाहन स्वामियों को जबरदस्त लाभ होगा। वाहन चालकों की हो गई बल्ले बल्ले।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा भारत वासियों को दी गई इस नई सोगात के बारे में विस्तार से जानते हैं। FASTag Annual Pass Scheme क्या है? परिचय: यह स्कीम भारतीय केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च की गई है जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों को प्रति यात्रा टोल देने की जगह एक सालाना पास खरीदकर 200 ट्रिप तक सुविधा-युक्त (FASTag के माध्यम से) टोल क्रॉसिंग की सुविधा मिलती है। यह पास 1वर्ष तक मान्य होता है। ख़ास बातें: शुरुआत की तारीख: यह सुविधा 15 अगस्त 2025 (स्वतंत्रता दिवस) से लागू हो रही है। कीमत और वैधता: पास की कीमत ₹3,000 है और यह एक साल की अवधि या 200 टोल ट्रिप्स , जो पहले भी पूरी हो जाए, तक मान्य रहेगा। पर्याप्त बचत: सामान्यत: एक टोल औसतन ₹50–80 तक होता है। 200 ट्रिप में यह ₹10,000–16,000 तक हो सक...