उत्तराखंड में जमीन की खतौनी कैसे निकाले | Online & Offline पूरी जानकारी

अगर आपके पास कृषि भूमि, आवासीय भूमि, व्यावसायिक भूमि  है या अन्य किसी भी तरह की प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपको भूलेख खतौनी की जानकारी अवश्य ही होनी चाहिए। प्रॉपर्टी से संबंधित यह एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है जो की भूमि के स्वामित्व और अधिकारों के बारे में अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

उतराखंड में जमीनों की खतौनी कैसे निकालें
ऑनलाइन व ऑफलाइन पूरी जानकारी (2026 अपडेट)

उत्तराखंड में जमीन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज खतौनी होता है। चाहे जमीन खरीदनी हो, बेचना हो, नामांतरण (Mutation) कराना हो, बैंक से लोन लेना हो या किसी कानूनी कार्य में जमीन का प्रमाण देना हो—हर जगह खतौनी की जरूरत पड़ती है।

                  (खतौनी इमेज)

आज के डिजिटल युग में उत्तराखंड सरकार ने खतौनी निकालने की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब आप ऑनलाइन घर बैठे भी अपनी जमीन की खतौनी देख और डाउनलोड कर सकते हैं। उसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे:

खतौनी क्या होती है?
खतौनी में क्या-क्या जानकारी होती है?
उत्तराखंड में खतौनी ऑनलाइन कैसे निकालें?
ऑफलाइन खतौनी कैसे प्राप्त करें?
आम समस्याएं और उनके समाधान?

खतौनी क्या होती है?

खतौनी एक राजस्व रिकॉर्ड (Land Record) है, जिसमें किसी व्यक्ति या परिवार के नाम पर दर्ज जमीन का पूरा विवरण होता है। इसे ग्राम लेखपाल (लेखपाल) द्वारा तैयार किया जाता है और तहसील में सुरक्षित रखा जाता है।
सरल शब्दों में, खतौनी यह बताती है कि:
जमीन का मालिक कौन है
जमीन कितनी है
किस खसरा नंबर पर है
जमीन पर कोई विवाद या बंधक (लोन) तो नहीं

खतौनी में कौन-कौन सी जानकारी होती है?

उत्तराखंड की खतौनी में आमतौर पर निम्न जानकारी होती है:
खातेदार (जमीन मालिक) का नाम
पिता / पति का नाम
ग्राम का नाम
तहसील व जिला
खसरा नंबर
भूमि का प्रकार (कृषि / अकृषि)
जमीन का क्षेत्रफल
सह-खातेदारों की जानकारी
कोई ऋण या विवाद (यदि हो)

उत्तराखंड में खतौनी निकालने के तरीके

उत्तराखंड में खतौनी निकालने के दो मुख्य तरीके हैं:
ऑनलाइन खतौनी निकालना
ऑफलाइन खतौनी निकालना

आइए दोनों को विस्तार से समझते हैं।

1. उत्तराखंड में ऑनलाइन खतौनी कैसे निकालें?

उत्तराखंड सरकार ने Bhulekh Uttarakhand (भूलेख उत्तराखंड) पोर्टल शुरू किया है, जहां से कोई भी व्यक्ति मुफ्त में खतौनी देख सकता है।
ऑनलाइन खतौनी निकालने के लिए जरूरी जानकारी
जिला
तहसील
ग्राम
खातेदार का नाम या
खसरा नंबर
ऑनलाइन खतौनी निकालने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

स्टेप 1:
अपने मोबाइल या कंप्यूटर में उत्तराखंड भूलेख की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

ऑनलाइन खतौनी निकालने की आधिकारिक वेबसाइट
उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट:
👉 bhulekh.uk.gov.in

स्टेप 2:
होमपेज पर “खतौनी की नकल देखें” या “View Khatauni” विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3:
अब अपना जिला, तहसील और ग्राम चुनें।
स्टेप 4:
यहां आपको खोजने के दो विकल्प मिलेंगे:
खातेदार के नाम से
खसरा नंबर से
अपनी सुविधा अनुसार जानकारी भरें।
स्टेप 5:
“खोजें” (Search) बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 6:
स्क्रीन पर आपकी जमीन की खतौनी का पूरा विवरण आ जाएगा।
स्टेप 7:
आप इसे डाउनलोड (PDF) या प्रिंट भी कर सकते हैं।

 ध्यान दें: ऑनलाइन निकाली गई खतौनी सूचना हेतु होती है, यह कोर्ट या बैंक में हमेशा मान्य नहीं होती।

2. ऑफलाइन खतौनी कैसे निकालें?

अगर आपको प्रमाणित (Certified) खतौनी चाहिए, तो आपको ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी होगी।
ऑफलाइन खतौनी निकालने की प्रक्रिया
स्टेप 1:
अपने क्षेत्र की तहसील या राजस्व कार्यालय जाएं।
स्टेप 2:
वहां लेखपाल (Patwari / Lekhpal) से संपर्क करें।
स्टेप 3:
खतौनी की नकल के लिए आवेदन पत्र भरें।
स्टेप 4:
जरूरी दस्तावेज जमा करें:
आधार कार्ड
जमीन से जुड़ा पुराना दस्तावेज (यदि हो)
आवेदन शुल्क
स्टेप 5:
निर्धारित शुल्क जमा करें (आमतौर पर ₹10–₹50 प्रति पेज)।
स्टेप 6:
कुछ दिनों में आपको मुहर लगी प्रमाणित खतौनी मिल जाएगी।

खतौनी और खसरा में क्या अंतर है?

बिंदु
खतौनी
खसरा
जानकारी
जमीन मालिक का विवरण
जमीन का नक्शा व खेती विवरण
उपयोग
मालिकाना प्रमाण
खेती व भूमि स्थिति
स्तर
खातेदार आधारित
प्लॉट आधारित

खतौनी में नाम गलत हो तो क्या करें?

अगर आपकी खतौनी में:
नाम गलत है
क्षेत्रफल गलत है
मृत व्यक्ति का नाम है
तो आपको नामांतरण (Mutation) कराना होगा।
नामांतरण के लिए:
तहसील में आवेदन दें
मृत्यु प्रमाण पत्र / बिक्री विलेख संलग्न करें
लेखपाल द्वारा जांच के बाद सुधार किया जाएगा

उत्तराखंड खतौनी से जुड़ी आम समस्याएं

1. वेबसाइट नहीं खुल रही
सर्वर व्यस्त हो सकता है
सुबह या देर रात कोशिश करें
2. नाम से रिकॉर्ड नहीं मिल रहा
स्पेलिंग बदलकर खोजें
खसरा नंबर से खोजें
3. पुराना रिकॉर्ड नहीं दिख रहा
तहसील से संपर्क करें
रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ हो सकता है
खतौनी क्यों जरूरी है?
जमीन खरीदने-बेचने में
बैंक लोन लेने में
कोर्ट केस में
सरकारी योजनाओं में
नामांतरण कराने में

निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तराखंड में खतौनी निकालना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। ऑनलाइन भूलेख पोर्टल से आप घर बैठे अपनी जमीन की जानकारी देख सकते हैं, जबकि प्रमाणित खतौनी के लिए तहसील जाना जरूरी है।
अगर आप जमीन से जुड़ा कोई भी काम कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी खतौनी अवश्य जांच लें। इससे भविष्य में होने वाली कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है।

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