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जब स्कूल टाइम में पिक्चर हॉल में छात्रों तथा टीचर्स का आमना सामना हुआ।

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जीवन के सफर | journey of life   में इंसान को कदम - कदम पर जिंदगी के नए-नए रूप देखने को मिल जाते हैं। कुछ घटनाएं जाने-अनजाने में ऐसे घटित हो जाती हैं, जोकि इंसान के मन मस्तिष्क पर बहुत ही गहराई तक अंकित हो जाती है। अपनी biography में आज मैं आपको एक ऐसी ही सच्ची घटना के बाबत विस्तार से बताऊंगा।  मेरे साथ भी जीवन में एक बार ऐसी घटना घटित हुई जिसको याद कर आज भी होठों पर बरबस ही हंसी आ जाती है तथा अपने किशोरावस्था तथा विद्यार्थी जीवन का रंगीन जमाना याद आ जाता है।  कितने सुंदर दिन थे , हम लोग कल्पना लोक में जीते थे तथा दिन में ही रंगीन सपने अक्सर देखा करते थेे। वह उम्र ऐसी थी जब बच्चे में परिपक्वता ना के बराबर होती है, जहां पर 4 बच्चों ने मिलकर किसी काम के लिए हामी भर दी, तो सभी बच्चेे उस कार्य को करने के लिए उतावले हो जाते हैं । उनमें ज्यादा सोचने की शक्ति नहीं होती, ना ही वह किसी की बात सुनना चाहते हैं।  ऐसेे ही एक घटना मेरे साथ घटी, जिसको याद करके अब भी होठों पर हंसी आ जाती है। काश वह दिन फिर से वापिस आ पाते। (कोई लौटा दे मेरे वो गुजरे हुए दिन)  जब पिक्चर हॉल म...

प्रेमपत्र पहुंचाने के लिए मुझे फेरीवाला का रूप धरकर 150 किलोमीटर साइकिल यात्रा करनी पड़ी।

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अपनी Biography में आज की पोस्ट जीवन के सफर में जानकारी दूंगा, कि किस तरह मुझे अपने सच्चे मित्र की मोहब्बत की खातिर फेरीवाला का रूप धारण करके लगभग 150 किलोमीटर की यात्रा साइकिल से करनी पड़ी। उक्त जिंदगी के सफर में पहाड़ों की यात्रा भी शामिल थी। दोस्तों,           जैसा कि मैं अपनी पूर्व की कई पोस्ट में अपने बारे में विस्तार से बता चुका हूं, कि किस तरह मुझे कम उम्र में ही अपने घर से  लगभग 250 किलोमीटर दूर यमुनानगर में  जाकर अकेले ही दुकान करनी पड़ी थी। उस वक्त मेरी उम्र लगभग 15 वर्ष थी। जिंदगी के तमाम झंझावात को झेलते हुए मेरी जिंदगी शैने शैने आगे बढ़ रही थी। इस दौरान मेरे कुछ हम उम्र दोस्त भी बन गए थे। एक दोस्त उस दौरान आईटीआई में मैकेनिकल ड्राफ्ट्समैन का डिप्लोमा कर चुका था तथा उस समय वह करनाल के पास इंद्री नामक जगह पर स्थित पॉलिटेक्निक में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। वह मेरा बहुत ही घनिष्ट मित्र था। हमें एक दूसरे की सभी बातें पता होती थी तथा हम अपने सुख-दुख आपस में बांटते थे ।  वह वहां इंद्री में पॉलिटेक्निक में हॉस्टल / छात्रावास में...

jivan ke Safar mein Vaishno mata ke darshan ka saubhagya prapt hua

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अपनी Biography की आज की पोस्ट में मैं जीवन के सफर | journey of life में माता वैष्णो देवी की प्रथम यात्रा के बाबत सच्ची व वास्तविक जानकारी दूंगा, और यात्रा संबंधित कुछ महत्वपूर्ण अनुभव आप सभी के साथ सांझा करूंगा। मेरे यह जिंदगी के अनुभव माँ वैष्णो देवी के दर्शन के लिये जाने वाले माँ के  भक्तों के लिये उपयोगी साबित हो सकते हैं। मां भगवती की असीम कृपा से मुझे भी कई बार माता वैष्णो देवी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वैष्णो देवी से संबंधित कुछ अहम जानकारी maa vaishno devi mandir  भारत के जम्मू और कश्मीर में स्थित है। माता वैष्णो देवी के दर्शन करने हेतु इस मंदिर में जाने हेतु यात्रा कटरा शहर से शुरू होती है। माता वैष्णो देवी का मंदिर त्रिकुटा नामक पहाड़ पर स्थित है। कटरा से वैष्णो देवी की चढ़ाई लगभग 12 से 13 किलोमीटर तक की है। इस चढ़ाई में लगभग 3200 से अधिक सीढ़ी हैं, और आमतौर पर इस यात्रा को पूरा करने के लिए 3 से 5 घंटे तक लग जाते हैं, जोकि हर व्यक्ति की चाल और शारीरिक क्षमता के आधार पर अलग अलग हो सकता है। हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार माता वैष्णो देवी को माता त्रिकुटा, माता वैष्...

sehat ke liye muli khane ke fayde | सेहत के लिए मूली खाने के फायदे

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आज की पोस्ट में हम जानकारी | Jankari दे रहे हैं की मानव शरीर की अच्छी सेहत के लिए मूली खाने के फायदे कौन-कौन से हैं, तथा मूली में हमें कौन-कौन से विटामिंस और स्वास्थ्यवर्धक चीजें मिलती हैं, और मूली का सेवन कैसे किया जा सकता है। 👉 मूली की खेती | radish cultivation  👉 मूली खाने के फायदे | radish benefits  👉 मूली खाने के नुकसान  👉 मूली का पराठा 👉 मूली का अचार कैसे बनता है 👉 शुगर के मरीज को मूली खाने चाहिए या नहीं 👉 मूली को इंग्लिश में क्या बोलते हैं 👉 बवासीर में मूली के फायदे 👉 मूली जड़ है या तना मूली की खेती | मूली की खेती कैसे करें मूली की खेती के लिए 1 सितंबर से लेकर 15 नवंबर तक का समय सबसे अच्छा होता है। वैसे किसान भाई वर्षा ऋतु के समाप्त होने के बाद कभी भी मूली की फसल को बो सकते हैं मूली ठंड में अधिक पैदावार देती है। radish seeds को खेत में बोने से पहले किसान भाई खेत की जुताई करके खेत को भुरभुरा बना ले।  जुताई करने के लिए किसान भाई देशी हल, कल्टीवेटर या हैरो का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। जुताई करने के बाद 200 से 300 कुंटल तक सड़ी गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर भ...

some important information about sugercane & suger

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भारत सरकार ने चीनी निर्यात पर पाबंदी एक वर्ष के लिए और बड़ाई | government of India ne suger ke export per rok ki avdhi 1 vrsh ke liye aur badhai भारत सरकार ने एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए देश से होने वाले चीनी के निर्यात की अवधि 1 वर्ष के लिए और बढ़ा दी है। अब चीनी के निर्यात पर पाबंदी 31 अक्टूबर 2023 तक लागू रहेगी। भारत सरकार द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए किया गया है। ध्यान रहे विगत कुछ समय में ही देश में चीनी की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, इसके कारण भारत सरकार के भी कान खड़े हो गए थे तथा महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा गेहूं और चावल पर भी  निर्यात में कुछ पाबंदियां लगाई गई थी। भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा ज़ारी की गई अधिसूचना के अनुसार कच्ची रिफाइंड तथा सफेद चीनी के निर्यात पर लगी पाबंदी को 31 अक्टूबर 2023 या अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दिया गया है तथा इससे संबंधित शेष सभी शर्तें पूर्ववत रहेगी।  निर्यात संबंधित यह ...

sehat ke liye ramban hai chukander ka Sevan

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beetroot|चुकंदर एक चुकंदर नेचुरल फूड होता है। चुकंदर नेचुरल खाने की चीज होता है। चुकंदर मानव शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है चुकंदर का इस्तेमाल हमारे द्वारा कई तरह से किया जाता है जैसे beat salad, beetrootpowder, beets juice, juicing a beet, juice with beatroot, beet root juice, beet fruit,beet juice supplement etc. what are the benefits of beetroot| चुकंदर खाने के फायदे क्या-क्या है आज की hindidada.in की इस पोस्ट में हम चुकंदर के फायदे बाबत जानकारी देने का प्रयास करेंगे। चुकंदर के फायदे क्या-क्या होते हैं होते हैं, चुकंदर खाने के फायदे क्या-क्या होते हैं? चुकंदर खाने के फायदे | beet benefits  चुकंदर ईश्वर तथा प्रकृति का मानव को दिया गया बेहतर उपहार है। चुकंदर मानव शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। यह गुणों का भंडार है। चुकंदर नेचुरल फूड होता है। नेचुरल खाने की चीज होता है। चुकंदर में विटामिन, मिनरल्स, एंटी ऑक्साइड आदि पर्याप्त मात्रा में होते हैं। चुकंदर का सेवन बुढ़ापे को रोकता है। चुकंदर को सलाद के रूप में खाने से शरीर की सूजन को राहत मिलती है। यह स्किन के लिए ...

कुत्ता काटने के प्राथमिक उपचार का ज्ञान होना अति आवश्यक | kutta kaatne ke prathmik upchar ka gyan hona ati avashyak

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भारत में आज विभिन्न गांवो, कस्बों, शहरों और महानगरों में लाखों की तादाद में गलियों में आवारा कुत्ते घूम रहे हैं, और लाखों की तादाद में ही कुत्ते लोगों ने घर में पाल रखे हैं।  एक अनुमान के अनुसार भारत वर्ष में हर वर्ष लगभग 20000 लोगों की अकाल मृत्यु कुत्ता काटने से हो जाती है। कुत्ते काटने की क्या है जटिलताऐं कुत्ता काटने के बाद उचित इलाज न मिलने के कारण रेबीज नामक बीमारी हो जाती है। यह एक जानलेवा बीमारी होती है, जिससे बचना बहुत ही मुश्किल होता है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के लक्षण मुंह में लार आना, सांस फूलना, किसी से भी डर जाना, बेचैन होकर भागना, बुखारन आना ,पानी देखकर भागना आदि होता है। यहां पर ध्यान देने योग्य बात यह भी है की कुत्ता काटने से किसी भी तरह का झाड़ फूंक करवाना या जादू टोला करवाना काम नहीं आता। इसके लिए उचित इलाज यानी सही समय पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लेना जरूरी होता है। कुत्ता काटने के प्राथमिक उपचार किसी भी व्यक्ति को अगर कोई कुत्ता काट लेता है तो उसे व्यक्ति को तुरंत ही कटी हुई जगह पर लाइफबॉय के साबुन से या किसी अन्य साबुन से अच्छी तरह से धो लेंना चाहि...