संदेश

आवारा कुत्तों पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश।

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भारत में आवारा कत्तों  पर माननीय सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश – 22 अगस्त 2025 1. आदेश में संशोधन: सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त के आदेश में संशोधन करते हुए अब आदेश दिया है कि दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के आवारा कुत्तों को पकड़े जाने के बाद शेल्टर में रहने के बजाय वापस उनके मूल इलाके में छोड़ा जाए । इस प्रक्रिया से पहले उन्हें नसबंदी (sterilisation) और टीकाकरण (immunisation) जरूर किया जाए। 2. अपवाद: यदि कोई कुत्ता रेबीज (rabies) से संक्रमित हो या अत्यधिक आक्रामक (aggressive behavior) हो रहा हो, तो उसे उसी स्थिति में शेल्टर में ही रखा जाएगा , यानी इन्हें वापस नहीं छोड़ा जाएगा। 3. फ़ीडिंग ज़ोन (Feeding Zones): अदालत ने यह भी निर्देशित किया कि शहर में नियोजित डेडिकेटेड फीडिंग ज़ोन बनाए जाएँ जहाँ आवारा कुत्तों को ही खाना खिलाया जाए। आम सार्वजनिक स्थानों पर सड़कों या गलियों में खाना खिलाना निषिद्ध होगा। 4. आदेश क्यों बदला गया? 11 अगस्त वाले आदेश को नागरिकों और पशु-प्रेमियों द्वारा जारी विरोध, आश्रय घरों की अपर्याप्त क्षमता तथा तर्कों की वजह से व्याप...

Fastag Annual Pass Scheme लागू होने से वाहन मालिकों की हो गई बल्ले बल्ले।

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भारत में 15 अगस्त को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा Fast Tag Annual Pass Scheme (विशेष रूप से "Annual FASTag Toll Pass") जारी कर दिया गया, जिससे वाहन स्वामियों को जबरदस्त लाभ होगा। वाहन चालकों की हो गई बल्ले बल्ले।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा भारत वासियों को दी गई इस नई सोगात के बारे में विस्तार से जानते हैं। FASTag Annual Pass Scheme क्या है? परिचय: यह स्कीम भारतीय केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च की गई है जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों को प्रति यात्रा टोल देने की जगह एक सालाना पास खरीदकर 200 ट्रिप तक सुविधा-युक्त (FASTag के माध्यम से) टोल क्रॉसिंग की सुविधा मिलती है। यह पास 1वर्ष तक मान्य होता है। ख़ास बातें: शुरुआत की तारीख: यह सुविधा 15 अगस्त 2025 (स्वतंत्रता दिवस) से लागू हो रही है। कीमत और वैधता: पास की कीमत ₹3,000 है और यह एक साल की अवधि या 200 टोल ट्रिप्स , जो पहले भी पूरी हो जाए, तक मान्य रहेगा। पर्याप्त बचत: सामान्यत: एक टोल औसतन ₹50–80 तक होता है। 200 ट्रिप में यह ₹10,000–16,000 तक हो सक...

रॉकेट और सैटेलाइट विज्ञान: अंतरिक्ष की अद्भुत यात्रा

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मानव सभ्यता ने हजारों वर्षों तक आकाश को देखकर सपने संजोए, लेकिन 20वीं शताब्दी में हमने अपने सपनों को हकीकत में बदला। रॉकेट और सैटेलाइट विज्ञान ने हमें न केवल अंतरिक्ष में पहुँचाया, बल्कि ब्रह्मांड को समझने का एक नया दृष्टिकोण भी दिया।  आज, अंतरिक्ष अन्वेषण, दूरसंचार, मौसम पूर्वानुमान, और वैश्विक नेविगेशन के लिए सैटेलाइट्स अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं। इस लेख में हम रॉकेट और सैटेलाइट विज्ञान के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। रॉकेट विज्ञान क्या है? रॉकेट विज्ञान (Rocket Science) वह क्षेत्र है जो रॉकेट के निर्माण, प्रक्षेपण (लॉन्च), और अंतरिक्ष में उसके संचालन से संबंधित है। इसमें वायुगतिकी (Aerodynamics), ईंधन तकनीक, प्रणोदन प्रणाली (Propulsion System), और उड़ान नियंत्रण जैसी विभिन्न तकनीकों का समावेश होता है। रॉकेट का कार्य कैसे करता है? रॉकेट का संचालन न्यूटन के गति के तृतीय नियम पर आधारित होता है – "प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।"  जब रॉकेट का इंजन जलता है, तो वह गर्म गैसों को बहुत तेज़ गति से नीचे की ओर छोड़ता है, जिससे रॉक...

एक्सिस स्मॉल कैप फंड: एक उभरता हुआ निवेश विकल्प

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भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों के बीच स्मॉल कैप फंड तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। विभिन्न म्युचुअल फंड हाउस में अपने स्मॉल कैप फंड स्कीम संचालित की हुई हैं , इन्हीं में से एक है एक्सिस स्मॉल कैप फंड, जो छोटे और उभरते हुए कंपनियों में निवेश करने का अवसर प्रदान करता है।  इस लेख में हम इस फंड के मुख्य पहलुओं, इसके प्रदर्शन, और इसमें निवेश के फायदों और जोखिमों के बारे में चर्चा करेंगे। फंड की मुख्य जानकारी एक्सिस स्मॉल कैप फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी फंड है, जो अपने पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश करता है। इसका उद्देश्य लंबी अवधि में उच्च रिटर्न प्रदान करना है। फंड की शुरुआत सितंबर 2013 में हुई थी और इसे एक्सिस एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा प्रबंधित किया जाता है। स्मॉल कैप फंड क्या है? स्मॉल कैप फंड वे होते हैं, जो बाजार पूंजीकरण के हिसाब से छोटे आकार की कंपनियों में निवेश करते हैं। इन कंपनियों में उच्च विकास क्षमता होती है, लेकिन इनके साथ जोखिम भी अधिक होता है। जोखिम उठाने वाले निवेशकों को ही इस फंड में निवेश करना चहिए। जहां ज्यादा जोखिम होता है वहां अ...

विलियम शेक्सपियर: साहित्य और रंगमंच के अमर नायक

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आज हम विश्व के महान साहित्यकार और नाटककार विलियम शेक्सपियर के बारे में कुछ जानकारी देने का प्रयास करेंगे। शेक्सपियर: महान साहित्यकार और नाटककार विलियम शेक्सपियर (1564-1616) अंग्रेजी साहित्य के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली साहित्यकारों में से एक माने जाते हैं। वे न केवल एक महान नाटककार थे, बल्कि कवि और अभिनेता भी थे। उनकी रचनाओं ने न केवल उनके युग को परिभाषित किया, बल्कि आज भी उनकी प्रासंगिकता बरकरार है। शेक्सपियर को उनके गहन मानव मनोविज्ञान, सूक्ष्म सामाजिक अवलोकन, और अद्वितीय साहित्यिक शैली के लिए याद किया जाता है। प्रारंभिक जीवन विलियम शेक्सपियर का जन्म 23 अप्रैल 1564 को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-अपॉन-एवन नामक स्थान पर हुआ था। उनके पिता जॉन शेक्सपियर एक व्यवसायी थे और उनकी माता मैरी आर्डन एक समृद्ध किसान परिवार से थीं। शेक्सपियर ने स्थानीय ग्रामर स्कूल में शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने लैटिन, साहित्य, और व्याकरण का अध्ययन किया। हालांकि उनके जीवन के प्रारंभिक वर्षों के बारे में बहुत अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि उन्होंने कम उम्र में ह...

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता सैफ अली खान के बारे में जानकारी

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सैफ अली खान: एक बहुआयामी अभिनेता का सफर बॉलीवुड इंडस्ट्री में सैफ अली खान का नाम एक ऐसे अभिनेता के रूप में लिया जाता है जिन्होंने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे और एक मजबूत अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई। नवाबी खानदान से ताल्लुक रखने वाले सैफ अली खान न केवल अपनी फिल्मों के लिए बल्कि अपने व्यक्तित्व, शौक, और निजी जीवन के लिए भी चर्चा में रहते हैं। इस लेख में हम सैफ अली खान के जीवन, करियर, और उनकी उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि सैफ अली खान का जन्म 16 अगस्त 1970 को नई दिल्ली में हुआ। वे मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी और दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बेटे हैं। उनका असली नाम साजिद अली खान पटौदी है। सैफ की शुरुआती शिक्षा लॉरेंस स्कूल, सनावर में हुई और आगे की पढ़ाई इंग्लैंड के विंचेस्टर कॉलेज से की। उनके शाही परिवार का पटौदी खानदान भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। फिल्मी करियर की शुरुआत सैफ अली खान ने 1993 में फिल्म 'परंपरा' से बॉलीवुड में कदम...

किर्लोस्कर ऑयल इंजन कंपनी: भारत की औद्योगिक क्रांति का एक अहम हिस्सा

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आज के लेख में हम भारत की एक प्रमुख कंपनी किर्लोस्कर ऑयल कंपनी का इतिहास और स्थापना के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। किर्लोस्कर ऑयल इंजन कंपनी (Kirloskar Oil Engines Ltd, KOEL) भारत की एक प्रमुख औद्योगिक कंपनी है, जिसने भारतीय उद्योग के विकास और प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस कंपनी की स्थापना 1946 में हुई थी और यह किर्र्लोस्कर ग्रुप का हिस्सा है। किर्र्लोस्कर ग्रुप, भारत के सबसे पुराने और विश्वसनीय औद्योगिक समूहों में से एक है, जिसकी शुरुआत लक्ष्मणराव किर्र्लोस्कर ने 1910 में की थी। कंपनी की स्थापना और उद्देश्य किर्लोस्कर ऑयल इंजन कंपनी की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीय उद्योगों और कृषि क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाले डीजल इंजन, जनरेटर और पंपसेट प्रदान करना था। भारत में औद्योगिक विकास के शुरुआती दौर में, किर्र्लोस्कर कंपनी ने ऐसे उत्पादों का निर्माण शुरू किया, जो भारतीय किसानों और उद्योगपतियों की जरूरतों को पूरा कर सके। उत्पाद और सेवाएं कंपनी मुख्य रूप से डीजल और गैस इंजन, जनरेटर सेट, कृषि पंप और औद्योगिक उपकरण बनाती है। इनके उत्पाद उच्च गुणवत्ता और टिकाऊपन के...

मोबाइल फोन: आज की दुनिया का संचार का आधार

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आज के आधुनिक युग में मोबाइल फोन हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है। मोबाइल फोन ने न केवल हमारी संचार प्रणाली को पूरी तरह से बदल दिया है, बल्कि यह एक ऐसा उपकरण बन गया है जो शिक्षा, मनोरंजन, व्यवसाय, और अन्य कई क्षेत्रों में सहायक सिद्ध हो रहा है। मोबाइल फोन ने जहां जीवन को आसान बनाया है, वहीं इसके दुष्प्रभाव भी कम नहीं हैं। मोबाइल फोन का विकास मोबाइल फोन का आविष्कार 1973 में मार्टिन कूपर ने किया था। शुरुआती मोबाइल फोन आकार में बड़े और भारी थे, जिनका उपयोग केवल कॉल करने और संदेश भेजने तक सीमित था। धीरे-धीरे तकनीकी विकास के साथ मोबाइल फोन स्मार्टफोन में बदल गए। आज ये इंटरनेट, कैमरा, गेमिंग, ई-बुक्स, पैसे के लेन देन और अन्य कई सुविधाओं से लैस हैं। मनोरंजन और सोशल मीडिया: मोबाइल की अनोखी दनिया 1. संचार का माध्यम : मोबाइल फोन के माध्यम से हम देश और विदेश में किसी से भी तुरंत संपर्क कर सकते हैं। मोबाइल के द्वारा ई संचार क्रांति के फल स्वरुप दुनिया एक गांव में तब्दील हो गई है।  2. शिक्षा में उपयोग : ऑनलाइन कक्षाएं, ई-बुक्स और शैक्षणिक ऐप्स ने छात्रों के लिए शिक्षा को सुल...