"गोलगप्पे: भारतीय स्ट्रीट फूड का चटपटा स्वाद"
गोलगप्पे, जिन्हें भारत के अलग-अलग हिस्सों में पानीपुरी, पुचका, गुपचुप, फुचका और पानी के बताशे के नाम से जाना जाता है, भारतीय स्ट्रीट फूड का एक ऐसा हिस्सा हैं, जिसके बिना किसी भी चाट के ठेले की कल्पना अधूरी है। ये छोटे, खस्ता गोल गोले चटपटे स्वाद और खुशबू का एक ऐसा संगम हैं, जो हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींच लेते हैं। आइए, गोलगप्पे की इस स्वाद भरी दुनिया में थोड़ी गहराई से झांकें। गोलगप्पे: भारतीय स्ट्रीट फूड का चटपटा स्वाद गोलगप्पों का इतिहास गोलगप्पों का इतिहास भी उतना ही रोचक है जितना उनका स्वाद। ऐसा माना जाता है कि गोलगप्पों की शुरुआत उत्तर भारत से हुई। पौराणिक कहानियों में इसका जिक्र मिलता है कि द्रौपदी ने महाभारत काल में कौरवों के लिए कुछ ऐसा तैयार किया था, जो कम सामग्री में स्वादिष्ट और भरपेट हो। इस तरह गोलगप्पे का आविष्कार हुआ। हालांकि, समय के साथ इसमें बदलाव होते गए और ये पूरे देश में अलग-अलग नामों और स्वादों के साथ मशहूर हो गए। गोलगप्पे कैसे बनते हैं? गोलगप्पे का मुख्य आधार उनकी कुरकुरी पूरी है, जिसे आटे और सूजी के मिश्रण से बनाया जाता है। इन पूरियों को तलकर...