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भारत में कृषि: महत्व, प्रकार, चुनौतियों और भविष्य की सम्भानाये।

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  भारत एक कृषि प्रधान देश है। सदियों से कृषि भारतीय समाज, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। आज भी देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। कृषि केवल खाधान्न   उत्पादन तक सीमित नही है , बल्कि यह रोजगार, निर्यात, पशुपालन, डेयरी   और ग्रामीण विकास का भी प्रमुख श्रोत है। भारत में कृषि:- भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़  और भविष्य की संभावनाएं  भारत विश्व के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशो में से एक है। गेहूं, चावल, गन्ना, दालें, मसाले, फल और सब्जियों के उत्पादन में भारत अग्रणी देशों की सूची में शामिल है। आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और किसानो की मेहनत ने कृषि क्षेत्र को नई ऊचाईयों तक पहुचाया है। भारत में कृषि का महत्व   भारत में कृषि का महत्व निम्नलिखित   बिन्दुओ से समझा जा सकता है। 1. रोजगार का प्रमुख श्रोत – भारत की ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि और उससे जुड़े कार्यो में लगा हुआ है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं। 2. खाध सुरक्षा – ...

इस वर्ष भारतीय कृषि, मानसून, बारिश की संभावना, अल नीनो का का प्रभाव (2026)

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  भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ आज भी करोड़ो लोगों की आजीविका खेती पर निर्भर है। देश की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। हर वर्ष किसानों की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि मानसून कैसा रहेगा, बारिश समय पर होगी या नही, और इसका फसलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। साल 2026   भी किसानो के लिए कई उम्मीदें और कुछ चुनौतियाँ लेकर आया है। मौसम वैज्ञानिक लगातार मानसून की स्थिति, समुंद्र के तापमान और अल नीनो (EL Nino) जैसी वैश्विक मौसमीय कारको पर नजर बनाये हुए है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगें कि इस वर्ष भारतीय कृषि की स्थिति कैसी रह सकती है, बारिश की क्या संम्भावना है, अल नीनो क्या होता है, इसका खेती पर क्या प्रभाव पड़ता है। और किसान किन उपायों से अपने जोखिम को कम कर सकते है। इस वर्ष भारतीय कृषि, बारिश और संभावना  और    अल नीनो का प्रभाव : किसानो और आम लोगों के लिए पूरी जानकारी। भारतीय कृषि का वर्तमान महत्व भारत में लगभग आधी से ज्यादा आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। गेहूं, धान, गन्ना, दालें, कपास, मक्का, बाजरा, सरसों, औ...

सरसों की खेती का सरल तरीका सीख कर किसान भाई अच्छी पैदावार ले सकते हैं।

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आज की पोस्ट में हम जानकारी देंगे कि किसान भाई अपने खेत  में सरसों की खेती कैसे करें, सरसों की खेती का तरीका, सरसों की बुवाई का समय, सरसों का साग, भारत के पंजाब प्रांत का तथा पंजाबियों का विश्वप्रसिद्ध व्यंजन मक्के की रोटी सरसों का साग आदि की विस्तार से जानकारी देंगे। भारत में रवि की प्रमुख फसलों में सरसों का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। सरसों एक प्रमुख तिलहनी फसल है, सरसों का भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था में प्रमुख स्थान है। सरसों को लाही भी कहा जाता है।  वर्तमान समय में भारत में सरसों की खेती अत्यंत ही लोकप्रिय होती जा रही है। भारत सरकार भी सरसों की खेती को बहुत बढ़ावा दे रही है, इसकी प्रमुख वजह भारत में खाद्य तेलों का भारी मात्रा में आयात करना है। भारत सरकार की पूरी कोशिश है कि भारत खाद्य तेलों में भी आत्मनिर्भर बने, जिसके कारण खेती में तिलहनी फसलों जैसे सरसों के उत्पादन में बढ़ोतरी, सूरजमुखी के उत्पादन में बढ़ोतरी  के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका परिणाम भी सामने आ रहा है तथा प्रतिवर्ष भारत तिलहनी फसलों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ता जा रहा है...